Meaning of Profane in Hindi - हिंदी में मतलब

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Ayush Rastogi
Mar 08, 2020   •  0 views
  • दूषित करना

  • सांसारिक

  • अनादर करना

  • अपवित्र करना

  • अपवित्र

  • लौकिक

  • अपवित्रकारी

  • धर्मद्रोही

  • भ्रष्ट करना

Synonyms of "Profane"

Antonyms of "Profane"

"Profane" शब्द का वाक्य में प्रयोग

  • Allah ' s are the excellent names ; so call on Him thereby ; and leave alone those who profane His names. Anon will they be requitcd for that which they were wont to work.
    अच्छे नाम अल्लाह ही के है । तो तुम उन्हीं के द्वारा उसे पुकारो और उन लोगों को छोड़ो जो उसके नामों के सम्बन्ध में कुटिलता ग्रहण करते है । जो कुछ वे करते है, उसका बदला वे पाकर रहेंगे

  • whereas those who strive against Our Signs, seeking to profane them, they are the friends of the Fire!
    किन्तु जिन लोगों ने हमारी आयतों को नीचा दिखाने की कोशिश की, वही भड़कती आगवाले है

  • O believers, profane not God ' s waymarks nor the holy month, neither the offering, nor the necklaces, nor those repairing to the Holy House seeking from their Lord bounty and good pleasure. But when you have quit your pilgrim sanctity, then hunt for game. Let not detestation for a people who barred you from the Holy Mosque move you to commit aggression. Help one another to piety and godfearing ; do not help each other to sin and enmity. And fear God ; surely God is terrible in retribution.
    ऐ ईमान लानेवालो! अल्लाह की निशानियों का अनादर न करो ; न आदर के महीनों का, न क़ुरबानी के जानवरों का और न जानवरों का जिनका गरदनों में पट्टे पड़े हो और न उन लोगों का जो अपने रब के अनुग्रह और उसकी प्रसन्नता की चाह में प्रतिष्ठित गृह को जाते हो । और जब इहराम की दशा से बाहर हो जाओ तो शिकार करो । और ऐसा न हो कि एक गिरोह की शत्रुता, जिसने तुम्हारे लिए प्रतिष्ठित घर का रास्ता बन्द कर दिया था, तुम्हें इस बात पर उभार दे कि तुम ज़्यादती करने लगो । हक़ अदा करने और ईश - भय के काम में तुम एक - दूसरे का सहयोग करो और हक़ मारने और ज़्यादती के काम में एक - दूसरे का सहयोग न करो । अल्लाह का डर रखो ; निश्चय ही अल्लाह बड़ा कठोर दंड देनेवाला है

  • This was possible because the core of Hinduism had been illumed to him at an early age: My religious sense did not allow me to speak a rash or a profane word of anything which the soul of man holds or has held sacred.
    ऐसा इसलिए सम्भव हुआ, क्योंकि हिन्दू धर्म का सार उनमें प्रारम्भिक आयु में ही प्रदीप्त हो गया था: मेरी धार्मिक बुद्धि मुझे अनुमति नहीं देती मैं कोई भी अविवेकी अथवा अपवित्र शब्द बोलूँ, जिसे कि मनुष्य की आत्मा नियंत्रित करती है अथवा पवित्र रुप में धारण करती है ।

  • O ye who believe! profane not Allah ' s monuments nor the Sacred Month nor the offerings nor the garlands, nor those repairing to the Sacred House, seeking the grace and pleasure of their Lord. But when ye have left the sacred territory, then go hunting. And let not your hatred of a folk who stopped your going to the inviolable place of worship seduce you to transgress ; but help ye one another unto righteousness and pious duty. Help not one another unto sin and transgression, but keep your duty to Allah. Lo! Allah is severe in punishment.
    ऐ ईमानदारों न ख़ुदा की निशानियों की बेतौक़ीरी करो और न हुरमत वाले महिने की और न क़ुरबानी की और न पट्टे वाले जानवरों की और न ख़ानाए काबा की तवाफ़ का क़स्द करने वालों की जो अपने परवरदिगार की ख़ुशनूदी और फ़ज़ल के जोयाँ हैं और जब तुम खोल दो तो शिकार कर सकते हो और किसी क़बीले की यह अदावत कि तुम्हें उन लोगों ने ख़ानाए काबा से रोका था इस जुर्म में न फॅसवा दे कि तुम उनपर ज्यादती करने लगो और नेकी और परहेज़गारी में एक दूसरे की मदद किया करो और गुनाह और ज्यादती में बाहम किसी की मदद न करो और ख़ुदा से डरते रहो ख़ुदा तो यक़ीनन बड़ा सख्त अज़ाब वाला है

  • Tell them: ' I do not find in what has been revealed to me anything forbidden for anyone who wants to eat unless it is carrion, outpoured blood and the flesh of swine, all of which is unclean ; or that which is profane having been slaughtered in a name other than that of Allah. But whosoever is constrained to it by necessity - neither desiring to disobey nor exceeding the limit of necessity - your Lord is surely AllForgiving, All - Compassionate.
    कह दो," जो कुछ मेरी ओर प्रकाशना की गई है, उसमें तो मैं नहीं पाता कि किसी खानेवाले पर उसका कोई खाना हराम किया गया हो, सिवाय इसके लिए वह मुरदार हो, यह बहता हुआ रक्त हो या, सुअर का मांस हो - कि वह निश्चय ही नापाक है - या वह चीज़ जो मर्यादा से हटी हुई हो, जिसपर अल्लाह के अतिरिक्त किसी और का नाम लिया गया हो । इसपर भी जो बहुत विवश और लाचार हो जाए ; परन्तु वह अवज्ञाकारी न हो और न हद से आगे बढ़नेवाला हो, तो निश्चय ही तुम्हारा रब अत्यन्त क्षमाशील, दयाबान है ।"

  • You tell them:" In all the commands revealed to me I find nothing which men have been forbidden to eat except carrion and running blood and flesh of the swine for it is unclean, or meat consecrated in the name of some other than God, which is profane. But if one is constrained to eat of these without craving or reverting to it, then surely your Lord is forgiving and kind."
    तुम कहो कि मै तो जो मेरे पास वही के तौर पर आया है उसमें कोई चीज़ किसी खाने वाले पर जो उसको खाए हराम नहीं पाता मगर जबकि वह मुर्दा या बहता हुआ ख़़ून या सूअर का गोश्त हो तो बेशक ये नापाक और हराम हैं या नाफरमानी का बाएस हो कि ख़ुदा के सिवा किसी और का नाम लिया गया हो फिर जो शख्स बेबस हो जाए नाफरमान व सरकश न हो और इस हालत में खाए तो अलबत्ता तुम्हारा परवरदिगार बड़ा बख्शने वाला मेहरबान है

  • O believers, profane not God ' s waymarks nor the holy month, neither the offering, nor the necklaces, nor those repairing to the Holy House seeking from their Lord bounty and good pleasure. But when you have quit your pilgrim sanctity, then hunt for game. Let not detestation for a people who barred you from the Holy Mosque move you to commit aggression. Help one another to piety and godfearing ; do not help each other to sin and enmity. And fear God ; surely God is terrible in retribution.
    ऐ ईमानदारों न ख़ुदा की निशानियों की बेतौक़ीरी करो और न हुरमत वाले महिने की और न क़ुरबानी की और न पट्टे वाले जानवरों की और न ख़ानाए काबा की तवाफ़ का क़स्द करने वालों की जो अपने परवरदिगार की ख़ुशनूदी और फ़ज़ल के जोयाँ हैं और जब तुम खोल दो तो शिकार कर सकते हो और किसी क़बीले की यह अदावत कि तुम्हें उन लोगों ने ख़ानाए काबा से रोका था इस जुर्म में न फॅसवा दे कि तुम उनपर ज्यादती करने लगो और नेकी और परहेज़गारी में एक दूसरे की मदद किया करो और गुनाह और ज्यादती में बाहम किसी की मदद न करो और ख़ुदा से डरते रहो ख़ुदा तो यक़ीनन बड़ा सख्त अज़ाब वाला है

  • Allah ' s are the excellent names ; so call on Him thereby ; and leave alone those who profane His names. Anon will they be requitcd for that which they were wont to work.
    और अच्छे नाम ख़ुदा ही के ख़ास हैं तो उसे उन्हीं नामों में पुकारो और जो लोग उसके नामों में कुफ्र करते हैं उन्हें छोड़ दो और वह बहुत जल्द अपने करतूत की सज़ाएं पाएंगें

  • The month postponed is an increase of unbelief whereby the unbelievers go astray ; one year they make it profane, and hallow it another, to agree with the number that God has hallowed, and so profane what God has hallowed. Decked out fair to them are their evil deeds ; and God guides not the people of the unbelievers.
    हटाना तो बस कुफ़्र में एक बृद्धि है, जिससे इनकार करनेवाले गुमराही में पड़ते है । किसी वर्ष वे उसे हलाल ठहरा लेते है और किसी वर्ष उसको हराम ठहरा लेते है, ताकि अल्लाह के आदृत की संख्या पूरी कर लें, और इस प्रकार अल्लाह के हराम किए हुए को वैध ठहरा ले । उनके अपने बुरे कर्म उनके लिए सुहाने हो गए है और अल्लाह इनकार करनेवाले लोगों को सीधा मार्ग नहीं दिखाता

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