Meaning of Infirm in Hindi - हिंदी में मतलब

profile
Ayush Rastogi
Mar 07, 2020   •  0 views
  • अशक्त

  • बीमार

  • अस्थिर/अदृढ़

  • रुग्ण

Synonyms of "Infirm"

"Infirm" शब्द का वाक्य में प्रयोग

  • They have distinguished themselves through their exceptional service and extraordinary dedication in the care of the sick and the infirm.
    उन्होंने रोगी और अशक्त लोगों की देखभाल में अपनी असाधारण सेवा और विशेष समर्पण के जरिए प्रतिष्ठा अर्जित की है ।

  • And the heaven will split, for that Day it is infirm.
    तो वह उस दिन बहुत फुस फुसा होगा और फ़रिश्ते उनके किनारे पर होंगे

  • But the right means might well be beyond the capacity of infirm and selfish human nature.
    लेकिन सही साधन कमजोर और Zस्वार्थी इंसान के बलबूते के बाहर की चीज हो सकते हैं.

  • O believers, when you negotiate a debt for a fixed term, draw up an agreement in writing, though better it would be to have a scribe write it faithfully down ; and no scribe should refuse to write as God has taught him, and write what the borrower dictates, and have fear of God, his Lord, and not leave out a thing. If the borrower is deficient of mind or infirm, or unable to explain, let the guardian explain judiciously ; and have two of your men to act as witnesses ; but if two men are not available, then a man and two women you approve, so that in case one of them is confused the other may prompt her. When the witnesses are summoned they should not refuse. But do not neglect to draw up a contract, big or small, with the time fixed for paying back the debt. This is more equitable in the eyes of God, and better as evidence and best for avoiding doubt. But if it is a deal about some merchandise requiring transaction face to face, there is no harm if no in writing. Have witnesses to the deal, that the scribe or the witness is not harmed. If he is, it would surely be sinful on your part. And have fear of God, for God gives you knowledge, and God is aware of everything.
    ऐ ईमान लानेवालो! जब किसी निश्चित अवधि के लिए आपस में ऋण का लेन - देन करो तो उसे लिख लिया करो और चाहिए कि कोई लिखनेवाला तुम्हारे बीच न्यायपूर्वक लिख दे । और लिखनेवाला लिखने से इनकार न करे ; जिस प्रकार अल्लाह ने उसे सिखाया है, उसी प्रकार वह दूसरों के लिए लिखने के काम आए और बोलकर वह लिखाए जिसके ज़िम्मे हक़ की अदायगी हो । और उसे अल्लाह का, जो उसका रब है, डर रखना चाहिए और उसमें कोई कमी न करनी चाहिए । फिर यदि वह व्यक्ति जिसके ज़िम्मे हक़ की अदायगी हो, कम समझ या कमज़ोर हो या वह बोलकर न लिखा सकता हो तो उसके संरक्षक को चाहिए कि न्यायपूर्वक बोलकर लिखा दे । और अपने पुरुषों में से दो गवाहो को गवाह बना लो और यदि दो पुरुष न हों तो एक पुरुष और दो स्त्रियाँ, जिन्हें तुम गवाह के लिए पसन्द करो, गवाह हो जाएँ ताकि यदि एक भूल जाए तो दूसरी उसे याद दिला दे । और गवाहों को जब बुलाया जाए तो आने से इनकार न करें । मामला चाहे छोटा हो या बड़ा एक निर्धारित अवधि तक के लिए है, तो उसे लिखने में सुस्ती से काम न लो । यह अल्लाह की स्पष्ट से अधिक न्यायसंगत बात है और इससे गवाही भी अधिक ठीक रहती है । और इससे अधिक संभावना है कि तुम किसी संदेह में नहीं पड़ोगे । हाँ, यदि कोई सौदा नक़द हो, जिसका लेन - देन तुम आपस में कर रहे हो, तो तुम्हारे उसके न लिखने में तुम्हारे लिए कोई दोष नहीं । और जब आपम में क्रय - विक्रय का मामला करो तो उस समय भी गवाह कर लिया करो, और न किसी लिखनेवाले को हानि पहुँचाए जाए और न किसी गवाह को । और यदि ऐसा करोगे तो यह तुम्हारे लिए अवज्ञा की बात होगी । और अल्लाह का डर रखो । अल्लाह तुम्हें शिक्षा दे रहा है । और अल्लाह हर चीज़ को जानता है

  • Our Society was in existence but for five or six years during which time a very large number of poor and infirm persons were fed at the expense of its members.
    हमारा समाज पांच - छह वर्षों तक ही चल पाया, पर इसी अवधि में इसके सदस्यों के खर्च पर बहुत - से भूखे गरीब लोगों को निःशुल्क भोजन की व्यवस्था की गयी ।

  • He would go sometimes to Go - shalla, sometimes to Sewa Samiti and sometimes to the Home for the aged and infirm to do some social service there.
    कभी गोशाला और कभी सेवा समिनी का कार्यालय और कभी वृद्ध आश्रम में वे सेवा करने के लिये चले जाते ।

  • O ye who believe! when ye deal, one with anot her, in lending for a term named, write it down, and let a scribe write it down justly between you, and let not the scribe refuse to write according as Allah hath taught him. Let him write them, and let him who oweth dictate, and let him fear Allah, his Lord, and diminish not aught thereof. But if he who oweth be witless or infirm or unable himself to dictate, then let his guardian dictate justly. And call to witness two witnesses of your men, but if both be not men, then a man and two women of those ye agree upon as witnesses, so that if one of the twain err, the one thereof shall remind the other: and let not the witnesses refuse When they are called on And be not Weary of writing it down, be it small or big, with the term thereof. This is the most equitable in the sight of Allah and the most confirmatory of testimony and nearest that ye may not doubt, except when it be a ready merchandise that ye circulate between you, for then there Shall be no blame on you if ye write it not down. And call witnesses when ye bargain With one anot her ; and let not the scribe eome to harm nor the witness ; and if ye do, verily it will be wickedness in you. Fear Allah ; and Allah teacheth you Knower ; and Allah is of everything Knower.
    ऐ ईमानदारों जब एक मियादे मुक़र्ररा तक के लिए आपस में क़र्ज क़ा लेन देन करो तो उसे लिखा पढ़ी कर लिया करो और लिखने वाले को चाहिये कि तुम्हारे दरमियान तुम्हारे क़ौल व क़रार को, इन्साफ़ से ठीक ठीक लिखे और लिखने वाले को लिखने से इन्कार न करना चाहिये जिस तरह ख़ुदा ने उसे सिखाया है उसी तरह उसको भी वे उज़्र लिख देना चाहिये और जिसके ज़िम्मे क़र्ज़ आयद होता है उसी को चाहिए कि की इबारत बताता जाये और ख़ुदा से डरे जो उसका सच्चा पालने वाला है डरता रहे और और क़र्ज़ देने वाले के हुक़ूक़ में कुछ कमी न करे अगर क़र्ज़ लेने वाला कम अक्ल या माज़ूर या ख़ुद का मतलब लिखवा न सकता हो तो उसका सरपरस्त ठीक ठीक इन्साफ़ से लिखवा दे और अपने लोगों में से जिन लोगों को तुम गवाही लेने के लिये पसन्द करो दो मर्दों की गवाही कर लिया करो फिर अगर दो मर्द न हो तो एक मर्द और दो औरतें उन दोनों में से अगर एक भूल जाएगी तो एक दूसरी को याद दिला देगी, और जब गवाह हुक्काम के सामने बुलाया जाएं तो हाज़िर होने से इन्कार न करे और क़र्ज़ का मामला ख्वाह छोटा हो या उसकी मियाद मुअय्युन तक की लिखवाने में काहिली न करो, ख़ुदा के नज़दीक ये लिखा पढ़ी बहुत ही मुन्सिफ़ाना कारवाई है और गवाही के लिए भी बहुत मज़बूती है और बहुत क़रीन है कि तुम आईन्दा किसी तरह के शक व शुबहा में न पड़ो मगर जब नक़द सौदा हो जो तुम लोग आपस में उलट फेर किया करते हो तो उसकी के न लिखने में तुम पर कुछ इल्ज़ाम नहीं है और जब उसी तरह की ख़रीद हो तो गवाह कर लिया करो और क़ातिब और गवाह को ज़रर न पहुँचाया जाए और अगर तुम ऐसा कर बैठे तो ये ज़रूर तुम्हारी शरारत है और ख़ुदा से डरो ख़ुदा तुमको मामले की सफ़ाई सिखाता है और वह हर चीज़ को ख़ूब जानता है

  • As Egyptians await the demise of the sickly Hosni, so infirm he can barely walk of his own accord, speculating and worrying about what comes next, he plots away. Judging from the evidence - and we write this with caution - it appears he has decided to maneuver Gamal to power on the back of Egypt ' s Christians, known as Copts.
    जब कि मिस्र के लोग अस्वस्थ होस्नी के समाप्त होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं तो लोगों को इस बात की चिंता है और सुगबुगाहट है कि वह अपनी शर्तों पर जाते हैं तो आगे होगा क्या ? साक्ष्यों के आधार पर लिखते हुए भी सतर्क होकर कह रहा हूँ कि ऐसा लगता है वे गमाल को मिस्र के ईसाइयों जिन्हें कि काप्ट के रूप में जाना जाता है उनके ऊपर ही इनकी सत्ता की सवारी करायेंगे ।

  • There is no blame on those who are infirm, or ill, or who find no resources to spend, if they are sincere to Allah and His Messenger: no ground can there be against such as do right: and Allah is Oft - forgiving, Most Merciful.
    न तो कमज़ोरों पर कुछ गुनाह है न बीमारों पर और न उन लोगों पर जो कुछ नहीं पाते कि ख़र्च करें बशर्ते कि ये लोग ख़ुदा और उसके रसूल की ख़ैर ख्वाही करें नेकी करने वालों पर कोई सबील नहीं और ख़ुदा बड़ा बख़्शने वाला मेहरबान है

  • But the right means might well be beyond the capacity of infirm and selfish human nature.
    लेकिन सही साधन कमजोर और स्वार्थी इंसान के बलबूते के बाहर की चीज हो सकते हैं ।

0



  0