Meaning of Disobedience in Hindi - हिंदी में मतलब

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Ayush Rastogi
Mar 08, 2020   •  1 view
  • अवज्ञा

Synonyms of "Disobedience"

  • Noncompliance

Antonyms of "Disobedience"

"Disobedience" शब्द का वाक्य में प्रयोग

  • and know that the Messenger of God is among you. If he were to obey you in many things, you would suffer for it. However, God has endeared the faith to you, and beautified it in your hearts, and has made denial of the truth, wickedness, and disobedience hateful to you. People such as these are rightly guided
    जान लो कि तुम्हारे बीच अल्लाह का रसूल मौजूद है । बहुत - से मामलों में यदि वह तुम्हारी बात मान ले तो तुम कठिनाई में पड़ जाओ । किन्तु अल्लाह ने तुम्हारे लिए ईमान को प्रिय बना दिया और उसे तुम्हारे दिलों में सुन्दरता दे दी और इनकार, उल्लंघन और अवज्ञा को तुम्हारे लिए बहुत अप्रिय बना दिया ।

  • He hath only forbidden you dead meat, and blood, and the flesh of swine, and that on which any other name hath been invoked besides that of Allah. But if one is forced by necessity, without wilful disobedience, nor transgressing due limits, - then is he guiltless. For Allah is Oft - forgiving Most Merciful.
    उसने तो तुमपर केवल मुर्दार और ख़ून और सूअर का माँस और जिस पर अल्लाह के अतिरिक्त किसी और का नाम लिया गया हो, हराम ठहराया है । इसपर भी जो बहुत मजबूर और विवश हो जाए, वह अवज्ञा करनेवाला न हो और न सीमा से आगे बढ़नेवाला हो तो उसपर कोई गुनाह नहीं । निस्संदेह अल्लाह अत्यन्त क्षमाशील, दयावान है

  • Know that the Apostle of Allah is among you. Should he comply with you in many matters, you would surely suffer. But Allah has endeared faith to you and made it appealing in your hearts, and He has made hateful to you faithlessness, transgression and disobedience. It is such who are the right - minded—
    जान लो कि तुम्हारे बीच अल्लाह का रसूल मौजूद है । बहुत - से मामलों में यदि वह तुम्हारी बात मान ले तो तुम कठिनाई में पड़ जाओ । किन्तु अल्लाह ने तुम्हारे लिए ईमान को प्रिय बना दिया और उसे तुम्हारे दिलों में सुन्दरता दे दी और इनकार, उल्लंघन और अवज्ञा को तुम्हारे लिए बहुत अप्रिय बना दिया ।

  • O believers, when you conspire secretly, then conspire not together in sin and enmity and disobedience to the Messenger, but conspire in piety and godfearing. Fear God, unto whom you shall be mustered.
    ऐ ईमान लानेवालो! जब तुम आपस में गुप्त ॥ वार्ता करो तो गुनाह और ज़्यादती और रसूल की अवज्ञा की गुप्त वार्ता न करो, बल्कि नेकी और परहेज़गारी के विषय में आपस में एकान्त वार्ता करो । और अल्लाह का डर रखो, जिसके पास तुम इकट्ठे होगे

  • Nevertheless, the country was startled one morning in May to hear that the Mahatma had suspended the civil disobedience movement.
    लेकिन मई की एक सुबह जब यह खबर मिली कि गांधी जी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन स्थगित कर दिया है, तो सारा देश भौंचक रह गया.

  • Children of Adam! If Messengers come to you from amongst yourselves who rehearse to you My signs, then those who shun disobedience and mend their ways shall have nothing to fear, nor shall they grieve.
    ऐ औलादे आदम जब तुम में के पैग़म्बर तुम्हारे पास आए और तुमसे हमारे एहकाम बयान करे तो कोई ख़ौफ़ होगा और न वह आर्ज़दा ख़ातिर होंगे

  • O ye who believe! When ye hold secret counsel, do it not for iniquity and hostility, and disobedience to the Prophet ; but do it for righteousness and self - restraint ; and fear Allah, to Whom ye shall be brought back.
    ऐ ईमानदारों जब तुम आपस में सरगोशी करो तो गुनाह और ज्यादती और रसूल की नाफरमानी की सरगोशी न करो बल्कि नेकीकारी और परहेज़गारी की सरगोशी करो और ख़ुदा से डरते रहो जिसके सामने जमा किए जाओगे

  • Do you not see that We have appointed devils to incite those who deny the truth to disobedience ?
    क्या तुमने देखा नहीं कि हमने शैतानों को छोड़ रखा है, जो इनकार करनेवालों पर नियुक्त है ?

  • And know that the Messenger of God is among you. If he obeyed you in much of the affair, you would suffer ; but God has endeared to you belief, decking it fair in your hearts, and He has made detestable to you unbelief and ungodliness and disobedience. Those - - they are the right - minded,
    जान लो कि तुम्हारे बीच अल्लाह का रसूल मौजूद है । बहुत - से मामलों में यदि वह तुम्हारी बात मान ले तो तुम कठिनाई में पड़ जाओ । किन्तु अल्लाह ने तुम्हारे लिए ईमान को प्रिय बना दिया और उसे तुम्हारे दिलों में सुन्दरता दे दी और इनकार, उल्लंघन और अवज्ञा को तुम्हारे लिए बहुत अप्रिय बना दिया ।

  • O you who have faith! When you converse secretly, do not hold private conversations with sin and aggression and disobedience to the Apostle, but converse in piety and Godfearing, and be wary of Allah toward whom you will be gathered.
    ऐ ईमान लानेवालो! जब तुम आपस में गुप्त ॥ वार्ता करो तो गुनाह और ज़्यादती और रसूल की अवज्ञा की गुप्त वार्ता न करो, बल्कि नेकी और परहेज़गारी के विषय में आपस में एकान्त वार्ता करो । और अल्लाह का डर रखो, जिसके पास तुम इकट्ठे होगे

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