Meaning of Disobedient in Hindi - हिंदी में मतलब

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Ayush Rastogi
Mar 08, 2020   •  1 view
  • अवज्ञाकारी

Synonyms of "Disobedient"

Antonyms of "Disobedient"

  • Obedient

"Disobedient" शब्द का वाक्य में प्रयोग

  • So be patient,, as were those of determination among the messengers and do not be impatient for them. It will be - on the Day they see that which they are promised - as though they had not remained except an hour of a day. notification. And will be destroyed except the defiantly disobedient people ?
    अतः धैर्य से काम लो, जिस प्रकार संकल्पवान रसूलों ने धैर्य से काम लिया । और उनके लिए जल्दी न करो । जिस दिन वे लोग उस चीज़ को देख लेंगे जिसका उनसे वादा किया जाता है, तो वे महसूस करेंगे कि जैसे वे बस दिन की एक घड़ी भर ही ठहरे थे । यह साफ़ - साफ़ पहुँचा देना है । अब क्या अवज्ञाकारी लोगों के अतिरिक्त कोई और विनष्ट होगा ?

  • They will plead on oath that you accept them. Even if you accept them, remember God does not accept people who are disobedient.
    वे तुम्हारे सामने क़समें खाएँगे ताकि तुम उनसे राज़ी हो जाओ, किन्तु यदि तुम उनसे राज़ी भी हो गए तो अल्लाह ऐसे लोगो से कदापि राज़ी न होगा, जो अवज्ञाकारी है

  • And We did not find for most of them any covenant ; but indeed, We found most of them defiantly disobedient.
    हमने उनके अधिकतर लोगो में प्रतिज्ञा का निर्वाह न पाया, बल्कि उनके बहुतों को हमने उल्लंघनकारी ही पाया

  • And We have certainly revealed to you verses clear proofs, and no one would deny them except the defiantly disobedient.
    और हमने तुम पर ऐसी निशानियाँ नाज़िल की हैं जो वाजेए और रौशन हैं और ऐसे नाफरमानों के सिवा उनका कोई इन्कार नहीं कर सकता

  • Most of them We found not men to their covenant: but most of them We found rebellious and disobedient.
    और हमने तो उसमें से अक्सरों का एहद न पाया और हमने उनमें से अक्सरों को बदकार ही पाया

  • “ O my father, do not be a bondman of the devil ; indeed the devil is disobedient towards the Most Gracious. ”
    ऐ मेरे बाप! शैतान की बन्दगी न कीजिए । शैतान तो रहमान का अवज्ञाकारी है

  • You are the best nation produced for mankind. You enjoin what is right and forbid what is wrong and believe in Allah. If only the People of the Scripture had believed, it would have been better for them. Among them are believers, but most of them are defiantly disobedient.
    तुम एक उत्तम समुदाय हो, जो लोगों के समक्ष लाया गया है । तुम नेकी का हुक्म देते हो और बुराई से रोकते हो और अल्लाह पर ईमान रखते हो । और यदि किताबवाले भी ईमान लाते तो उनके लिए यह अच्छा होता । उनमें ईमानवाले भी हैं, किन्तु उनमें अधिकतर लोग अवज्ञाकारी ही हैं

  • God does not disdain to give a parable about a gnat or a smaller creature. The faithful know that it is the truth from their Lord, but those who deny the truth ask," What could God mean by this parable ?" He lets many go astray through it, and guides many by it. But He makes only the disobedient go astray:
    बेशक खुदा मच्छर या उससे भी बढ़कर की कोई मिसाल बयान करने में नहीं झेंपता पस जो लोग ईमान ला चुके हैं वह तो ये यक़ीन जानते हैं कि ये बिल्कुल ठीक है और ये परवरदिगार की तरफ़ से है वह लोग जो काफ़िर है पस वह बोल उठते हैं कि खुदा का उस मिसाल से क्या मतलब है, ऐसी मिसाल से ख़ुदा बहुतेरों की हिदायत करता है मगर गुमराही में छोड़ता भी है तो ऐसे बदकारों को

  • We sent Noah and Abraham, and gave prophethood to their progeny and the Book, and some of them are well - directed, but many of them are disobedient.
    और बेशक हम ही ने नूह और इबराहीम को भेजा और उनही दोनों की औलाद में नबूवत और किताब मुक़र्रर की तो उनमें के बाज़ हिदायत याफ्ता हैं और उन के बहुतेरे बदकार हैं

  • Allah has promised those among you who believe and do good deeds, that He will certainly give them the Caliphate in the earth the way He gave to those before them ; and that He will certainly establish for them their religion which He has chosen for them, and will turn their prior fear into peace ; they must worship Me and not ascribe anything as a partner to Me ; and whoever is ungrateful after this – it is they who are the disobedient.
    तुम में से जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और अच्छे अच्छे काम किए उन से ख़ुदा ने वायदा किया कि उन को दिन रुए ज़मीन पर ज़रुर नाएब मुक़र्रर करेगा जिस तरह उन लोगों को नाएब बनाया जो उनसे पहले गुज़र चुके हैं और जिस दीन को उसने उनके लिए पसन्द फरमाया है उस पर उन्हें ज़रुर ज़रुर पूरी क़ुदरत देगा और उनके ख़ाएफ़ होने के बाद अमन से ज़रुर बदल देगा कि वह मेरी ही इबादत करेंगे और किसी को हमारा शरीक न बनाएँगे और जो शख्स इसके बाद भी नाशुक्री करे तो ऐसे ही लोग बदकार हैं

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