Meaning of Misery in Hindi - हिंदी में मतलब

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Ayush Rastogi
Mar 07, 2020   •  0 views
  • विपत्ति

  • दुखअ

  • दुःख/विपत्ती

  • दयनीयता

  • गरीबी

Synonyms of "Misery"

  • Wretchedness

  • Miserableness

"Misery" शब्द का वाक्य में प्रयोग

  • They grew very old and as they got older and older their misery increased.
    वे बढ़ते चले जाते थे और जैसे - जैसे बूढ़े होते जाते वैसे - वैसे उनके दुख भी बढ़ते जाते ।

  • He became increasingly aware of the inequity of the existing social system with affluence on the one hand and stark misery on the other.
    समाज में मौजूद असमानता - एक ओर समृद्धि और दूसरी ओर असीमित अभाव - के प्रति वे अधिकाधिक सचेत होते गये ।

  • Then We said:" O Adam! Verily, this is an enemy to you and to your wife. So let him not get you both out of Paradise, so that you be distressed in misery.
    इसपर हमने कहा," ऐ आदम! निश्चय ही यह तुम्हारा और तुम्हारी पत्नी का शत्रु है । ऐसा न हो कि तुम दोनों को जन्नत से निकलवा दे और तुम तकलीफ़ में पड़ जाओ

  • We have sent no Prophet to any city but that We seized its people with misery and hardship, that haply they might be humble ;
    हमने जिस बस्ती में भी कभी कोई नबी भेजा, तो वहाँ के लोगों को तंगी और मुसीबत में डाला, ताकि वे गिड़गि़ड़ाए

  • First, the country as a whole had been in utmost misery, backwardness and degradation as a result of the British occupation.
    एक तो यह थी कि ब्रितानी स्वाधिकरण के फलस्वरूप पूपे का पूरा देश अतिशय दुर्दशा, पिछड़ेपन और पतितावस्था में पड़ा हुआ था ।

  • With rare skill he drew the attention of his readers to the pain and misery behind the apparently smooth facade of our social: set - up.
    दुर्लभ दक्षता के साथ उन्होंने हमारी सामाजिक व्यवस्था के ऊपर से ठीक - ठाक दिखने वाले रुप के पीछे की वेदना और दुर्दशा की तरफ पाठकों का ध्यान खींचा ।

  • and said:" Get down, both of you,, and be out of it ; each of you shall be an enemy to the other. Henceforth if there comes to you a guidance from Me, then whosoever follows My guidance shall neither go astray nor suffer misery.
    फिर उनकी तौबा कुबूल की और उनकी हिदायत की फरमाया कि तुम दोनों बेहश्त से नीचे उतर जाओ तुम में से एक का एक दुशमन है फिर अगर तुम्हारे पास मेरी तरफ से हिदायत पहुँचे तो उसकी पैरवी करना क्योंकि जो शख्स मेरी हिदायत पर चलेगा न तो गुमराह होगा और न मुसीबत में फँसेगा

  • And yet who can say that vast numbers of people will not be misled again and their courage and sacrifice and idealism not exploited for base ends, leaving after the holocaust of war the same misery, the same injustices, imperialism and fascism ?
    लेकिन कौन कह सकता है कि अधिकांश जनता दुबारा बहकावे में नहीं आ जायेगी, बुरे मकसद के लिए उसकी दिलेरी, त्याग और उनके आदर्शवाद का इस्तेमाल नहीं किया जायेगा और जंग में मारकाट होने के बाद वही तबाही, वही अन्याय, साम्राज़्यवाद और फासिज़्म का दौर नहीं शुरू हो जायेगा.

  • New standards and values were set up and the pomp and splendour of the viceregal court and the princes, which used to impress so much, suddenly appeared supremely ridiculous and vulgar and rather shameful, surrounded as they were by the poverty and misery of the people.
    नये मानदंड और मूल्य तय किये गये और वायसराय के दरबार और राजा - महाराजाओं की शान - शौकत, जो काफी असर डालती थी, अब चारों तरफ जनता की गरीबी और दुःख - तकलीफ के बीच बेहद फूहड़, घटिया और लज्जाजनक लगने लगी ।

  • And when you said," O Musa! We cannot endure one kind of food. So invoke your Lord for us to bring forth for us of what the earth grows, its herbs, its cucumbers, its Fum, its lentils and its onions." He said," Would you exchange that which is better for that which is lower ? Go you down to any town and you shall find what you want!" And they were covered with humiliation and misery, and they drew on themselves the Wrath of Allah. That was because they used to disbelieve the Ayat of Allah and killed the Prophets wrongfully. That was because they disobeyed and used to transgress the bounds.
    जब तुमने मूसा से कहा कि ऐ मूसा हमसे एक ही खाने पर न रहा जाएगा तो आप हमारे लिए अपने परवरदिगार से दुआ कीजिए कि जो चीज़े ज़मीन से उगती है जैसे साग पात तरकारी और ककड़ी और गेहूँ या और मसूर और प्याज़ की जगह पैदा करें कहा क्या तुम ऐसी चीज़ को जो हर तरह से बेहतर है अदना चीज़ से बदलन चाहते हो तो किसी शहर में उतर पड़ो फिर तुम्हारे लिए जो तुमने माँगा है सब मौजूद है और उन पर रूसवाई और मोहताजी की मार पड़ी और उन लोगों ने क़हरे खुदा की तरफ पलटा खाया, ये सब इस सबब से हुआ कि वह लोग खुदा की निशानियों से इन्कार करते थे और पैग़म्बरों को नाहक शहीद करते थे, और इस वजह से कि वह नाफ़रमानी और सरकशी किया करते थे

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