Meaning of Marital in Hindi - हिंदी में मतलब

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Ayush Rastogi
Mar 07, 2020   •  2 views
  • वैवाहिक

  • विवाह संबंधी

  • दाम्पत्य

  • विवाह-संबंधी

Synonyms of "Marital"

"Marital" शब्द का वाक्य में प्रयोग

  • A special type of allowance admissible on marital status.
    वैवाहिक स्थिति के अनुसार मिलने वाला विशेष प्रकार का भत्ता ।

  • It ' s a sad thing that one of the common reason of marital dissolution is that most couples come from a home of divorce.
    यह अत्यंत दुख की बात है कि वैवाहिक जीवन में विच्छेद का सबसे आम कारण यह है कि ज्यादातर ऐसे दंपति तलाकशुदा लोगों के घरों से आते हैं ।

  • Further, by the Dissolution of Muslim Marriage Act, 1939, a Muslim wife has been given right to dissolve marriage on these grounds: i whereabouts of the husband have not been known for a period of four years ; ii husband is not maintaining her for a period of two years ; iii imprisonment of husband for a period of seven years or more ; iv failure on the part of husband to perform his marital obligations, without a reasonable cause, for a period of three years ; v impotency of husband ; vi insanity for a period of two years ; vii suffering from leprosy or virulent venereal disease ; viii marriage took place before she attained the age of 15 years and not consummated ; and ix cruelty.
    साथ ही मुस्लिम विवाह - विच्छेद अधिनियम, 1939 द्वारा मुस्लिम पत्नी को निम्निलिखित आधारों पर तलाक का अधिकार दिया गया हैंचार वर्ष से पति का कोई पता न हों, ii पति दो वर्ष से उसका भरण - पोषण नहीं कर रहा हो, iii पति को सात वर्ष या उससे अधिक का कारावास दे दिया गया हो, iv किसी समुचित कारण के बिना तीन वर्ष से पति अपने वैवाहिक दायित्वों का निर्वाह न कर रहा हो, पति नपुंसक हो, vi दो वर्ष से पागल हो, vii कुष्ठ रोग या उग्र रति रोग से पीड़ित हो, viii अगर शादी, पत्नी की आयु 15 वर्ष होने से पहले हो चुकी हो और सहवास न हुआ हो और ix पति का बर्ताव क्रूर रहा हो ।

  • Goverdhanram Tripathi in prose and a little later Nanalal in poetry wrote feelingly on the dignity of women, their social and marital status.
    गोवर्धनराम त्रिपाठी ने गद्य में, और कुछ समय बाद नानालाल ने कविता में स्त्रियों की प्रतिष्ठा, उनके सामाजिक और वैवाहिक पद के बारे में सहानुभूति से लिखा है ।

  • Marital strife often leads to divorce and broken families.
    वैवाहिक संघर्ष से अक्सर विवाह विच्छेद और परिवारों के टूटने की सम्भावनाएं बढ़ जाती हैं.

  • Reason was clear, King Man Singh ' s family have marital relations with Akbar.
    कारण साफ था & # 44 ; कि राजा मानसिंह के परिवार के अकबर से वैवाहिक संबंध थे ।

  • It was also prescribed that a bhavi who became a Virashaiva should free himself from his former religious connections and should never inter * dine with the bhavis nor contract marital relationships with them.
    उनको यह भी कहा जाता था कि वे अपने पुराने धार्मिक संपर्क छोड़ दें. भावियों के साथ रोटी - बेटी के नाते भ न बनायें.

  • Marital choices are not restricted to the endogamous group ; alliances can be made with Jatis of more or less similar ritual status.
    वैवाहिक चयन अंतर्विवाही समूह तक ही सीमित नहीं है, कमोबेश समान कर्मकांडीय प्रस्थिति वाली जातियों में भी विवाह हो सकता है ।

  • Even then this pre - marital sex is disciplined and in - stitutionalised through observance of certain social taboos on sexual contact between girls and boys belonging to the same clan.
    विवाह - पूर्व ऐसे यौन - संबंध उसी वंश के कतिपय सामाजिक निषेधों के आधार पर संस्थागत और अनुशासित होते हैं ।

  • When you divorce your wives and their waiting period has almost ended, you may resume marital relations with honor or leave them with kindness. Do not force them to live with you in suffering to satisfy your hostility. Whoever commits such transgressions, he has only harmed himself. Do not make jest of God ' s words. Remember the favors that God has done to you and the Book and wisdom He has revealed for your guidance. Have fear of God and know that God has knowledge of all things.
    और यदि जब तुम स्त्रियों को तलाक़ दे दो और वे अपनी निश्चित अवधि को पहुँच जाएँ, जो सामान्य नियम के अनुसार उन्हें रोक लो या सामान्य नियम के अनुसार उन्हें विदा कर दो । और तुम उन्हें नुक़सान पहुँचाने के ध्येय से न रोको कि ज़्यादती करो । और जो ऐसा करेगा, तो उसने स्वयं अपने ही ऊपर ज़ुल्म किया । और अल्लाह की आयतों को परिहास का विषय न बनाओ, और अल्लाह की कृपा जो तुम पर हुई है उसे याद रखो और उस किताब और तत्वदर्शिता को याद रखो जो उसने तुम पर उतारी है, जिसके द्वारा वह तुम्हें नसीहत करता है । और अल्लाह का डर रखो और भली - भाँति जान लो कि अल्लाह हर चीज को जाननेवाला है

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