गाने के बारे में जानकारी
यह गाना फ़िल्म "Aabroo" से है।
इस गाने के बोल G S Rawal ने लिखे हैं।
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गाने के बोल
हर चेहरा यहाँ चाँद तो हर ज़र्रा सितारा
ये वादी-ए-कश्मीर है ( जन्नत का नज़ारा ) -२
हर चेहरा यहाँ ॥।
हँसती हैं जो कलियाँ तो हसीं फूल हैं खिलते
हैं लोग यहाँ जैसे उतर आए फ़रिश्ते
हर दिल से निकलती है यहाँ प्यार की धारा
ये वादी-ए-कश्मीर ॥।
ये चोटियाँ बरफ़ों की हैं आज़ादी का परचम्
हँसती है ग़ुलामी पे ये इनसान की हरदम्
देती है आकाश को बाँहों का सहारा
ये वादी-ए-कश्मीर ॥।
दिन्-रात हवा साज बजाती है सुहाने
नदियों के लबों पर हैं मुहब्बत के तराने
मस्ती में है डूबा हुआ बेहोश किनारा
ये वादी-ए-कश्मीर ॥।
ये जलवा-ए-रंगीं है किसी ख़्वाब की ताबीर्
या फूलों में बैठी हुई दुल्हन की है तस्वीर्
या थम गया चलता हुआ परियों का शिकारा
ये वादी-ए-कश्मीर ॥।