खुशी का ठिकाना

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Shristy Jain
Jul 18, 2019   •  16 views

खुशी क्या है? क्यों हर व्यक्ति खुश रहना चाहता है? खुशी कहां मिलती है और यदि मिलती भी है तो उसकी कीमत क्या है? अक्सर यह सवाल लोगों के दिमाग में आते ही रहते हैं।

आजकल हर एक व्यक्ति खुश रहते हुए भी किसी ना किसी चीज के लिए दुखी ही रहता है। यदि वह 2 मिनट के लिए खुश है तो 1 घंटे के लिए दुखी रहता है। खुशी एक भाव है जिसको प्राप्त करने के लिए ना जाने मनुष्य कितने प्रयास करता रहता है। खुशी मनुष्य की वह मानसिक स्थिति है जिसे केवल महसूस किया जा सकता है।यह मानव चिंतन का वह पड़ाव है जब मनुष्य किसी और चीज की इच्छा नहीं करता। जरूरी नहीं कि खुशी केवल भौतिक वस्तुओं के अपार भंडार से प्राप्त हो। भूखा प्यासा, जमीन पर सोने वाला आदमी भी ऐश्वर्या पूर्ण जीवन जीने वालों के मुकाबले में ज्यादा खुशी महसूस कर सकता है। फिर भी कुछ लोग धन-संपत्ति, सोना चांदी, हीरे जवाहरात को एकत्रित करके खुशी पाने की कोशिश करते हैं। कुछ लोगों को टीवी, मोबाइल के प्रयोग मे खुशी नजर आती है। कुछ लोगों को क्रिकेट, फुटबॉल और कोई मनपसंद खेल खेलकर या देखकर खुश होने का पता चलता है। कुछ लोगों को निंदा, चुगली, लड़ाई झगड़े से बहुत खुशी होती है। कुछ लोग कीर्तन, धार्मिक पुस्तकें पढ़ने, तीर्थ स्थानों की यात्रा करने से आनंदित होते हैं। कई लोगों का भूखों को खाना खिलाने, प्यासे को पानी पिलाने, गरीबों की मदद करने तथा समाज सेवा में खुशी प्राप्त होती है। कुछ लोगों को राजनीति और व्यापार में चमकते रहने से ख़ुशी मिलती है।

खुशी की दवाई किसी वैध, हकीम, डॉक्टर से नहीं मिलती। सुबह सवेरे सैर करने वाले कुछ लोग जोर जोर से हंसते हो, बेशक चुटकुले लतीफे सुनकर, हंसी मजाक के कार्यक्रम सुनकर भी कुछ देर के लिए आपको हंसी आएं लेकिन यह जरूरी नहीं कि हम खुश है। उसके लिए जरूरी है कि हम अपनी योग्यता तथा क्षमता के मुताबिक कुछ सकारात्मक प्रयास करें। खुश रहने के लिए जरूरी हम अपने स्वास्थ्य का अच्छी तरह ध्यान रखें। नशे में बुरी आदतों से बचें, अनावश्यक तनाव से दूर रहे। दूसरों का भला करने से जो खुशी मिलती है उसे बयान नहीं किया जा सकता।अगर जीवन में कोई कठिनाई समस्या उत्पन्न हो जाए तो उसके समाधान के लिए प्रयास करते रहिए। अपने कर्तव्यो का पालन करे। बुजुर्गों, विद्वान की सेवा से भी खुशी मिलती हैं। परोपकार की भावना अपने मन में रखे। सदैव दूसरों की मदद करें। अपने जीवन से संतुष्ट रहें। यदि आप इन चीजों को अपनी जिंदगी में अपना ले तो आप खुश रह सकते हैं एवं खुशी का असली मतलब जान सकते हैं।

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