बाबा ताड़क लीला

profile
Mahak Gupta
Dec 12, 2025   •  0 views

बम ताड़ू, बम ताड़ू, बम बम बम

बम ताड़ू, बम ताड़ू, बम बम बम

ऐ मेरे ताड़क कैसी कहानी रचवा दी,

कभी ना भूलू ऐसी पहेली बनवा दी,

खुद से मिलाने के लिए मुझसे विरासत छुड़वा दी,

खुद में मिलाकर अपनी विरासत चलवा दी।

बम ताड़ू, बम ताड़ू, बम बम बम

बम ताड़ू, बम ताड़ू, बम बम बम

हर दिन तुझसे मिलने तेरे दर पर मैं आती,

जिस दिन ना आऊं तुझको नींद में पाती,

तेरे एक ख्याल से ही खुश मैं हो जाती,

तेरी एक झलक देखकर वारी-वारी मैं जाती।

बम ताड़ू, बम ताड़ू, बम बम बम

बम ताड़ू, बम ताड़ू, बम बम बम

तेरी लीला ऐसी हुई कि सब्र सीख गई,

तेरे अहसास से ही फिर उठना सीख गई,

तेरी आजमाईश में हालातों से लडना सीख गई,

तुझ में ही मिलकर फूल सा निखरना सीख गई।

बम ताड़ू, बम ताड़ू, बम बम बम

बम ताड़ू, बम ताड़ू, बम बम बम

तेरे नाम से हर काम शुरू करती,

तेरे नाम से जीती तेरे नाम पर मरती,

तेरे नाम की चादर ओढ़ इधर-उधर फिरती,

तेरे नाम से रंगी राहों पर आंखे मूंदे चलती।

बम ताड़ू, बम ताड़ू, बम बम बम

बम ताड़ू, बम ताड़ू, बम बम बम ।।

0



  0