गाने के बारे में जानकारी
यह गाना फ़िल्म "Aap Aaye Bahaar Aayee" से है।
इस गाने के बोल Anand Bakshi ने लिखे हैं।
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गाने के बोल
र :दिल शाद था के फूल खिलेंगे बहार में
मारा गया ग़रीब इसी ऐतबार में
ल :मुझे तेरी मोहब्बत का सहारा मिल गया होता -२
अगर तूफ़ाँ नहीं आता किनारा मिल गया होता
र :मुझे तेरी मोहब्बत ॥।
ल :न था मंज़ूर क़िस्मत को न थी मर्ज़ी बहारों की
( नहीं तो इस गुलिस्ताँ में ) -२ कमी थी क्या नज़ारों की
मेरी नज़रों को भी कोई नज़ारा मिल गया होता
अगर तूफ़ाँ नहीं ॥।
र :मुझे तेरी मोहब्बत ॥।
र :ख़ुशी से अपनी आँखों को मैं अश्क़ों से भिगो लेता
( मेरे बदले तू हँस लेती ) -२ तेरे बदले मैं रो लेता
मुझे ऐ काश तेरा दर्द सारा मिल गया होता
अगर तूफ़ाँ नहीं ॥।
ल :मुझे तेरी मोहब्बत ॥।
मिली है चाँदनी जिनको ये उनकी अपनी क़िस्मत है
( मुझे अपने मुक़द्दर से ) -२ फ़क़त इतनी शिकायत है
मुझे टूटा हुआ कोई सितारा मिल गया होता
अगर तूफ़ाँ नहीं ॥।
र :मुझे तेरी मोहब्बत ॥।