क्या बला है जिंदगी...?

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Rutika Mahajan
Sep 03, 2019   •  79 views

जिंदगी ...।क्या है ये जिंदगी? देखो तो ख्वाब है जिंदगी। बोलो तो शायरी है जिंदगी। लिखूं तो कविता है जिंदगी और सुनो तो कहानी है जिंदगी। कितनी अजीब है ना ये जिंदगी ऊपर ऊपर से देखो तो किसी खूबसूरत ख्वाब से कम नहीं है ये पर जब बोलने जाऊं तो शायरी के जैसे चार लाइन में खत्म हो जाती है । लिखने लगूं तो कितनी कविताएं लिखी जा सकती है इस पर और किसी के जिंदगी के बारे में सुनने लगे तो किसी कहानी से कम नहीं लगती ये । इसमें आंसू भी है और हंसी भी। गम भी है और खुशी भी ।गुस्सा भी है और प्यार भी ।आशा भी है और निराशा भी ।विश्वास भी है और अंधविश्वास भी ।हार भी है और जीत भी ।हर रंग है इसमें । तभी तो इंद्रधनु के जैसे खूबसूरत है ये जिंदगी ।पर शायद इस खूबसूरत जिंदगी को जीना कहीं ना कहीं हम भूल रहे हैं। हम खुद में ही इतने व्यस्त हो गए हैं कि बस दिन निकाल रहे हैं ।कुछ लोग भविष्य सुधारने में आज को जीना भूल गए हैं तो कुछ बुरी आदतों की वजह से अपना जीवन बरबाद कर रहे हैं ।कुछ दूसरों के लिए जी रहे हैं तो कुछ जीने की वजह ढूंढ रहे हैं ।कुछ खुद में ही इतने व्यस्त हैं कि अपने आसपास के लोगों का ख्याल भी नहीं है और कुछ लोग अपनी जिंदगी से इतना निराश हो चुके हैं कि जीने की इच्छा ही छोड़ चुके है।

अगर विद्यार्थी हो तो इस आस पर लगे हो कि कब शिक्षा खत्म हो जाए और अपने पैरों पर खड़ा हो जाए। बस परीक्षाओं में जिंदगी ढूंढ रहे हो। नौकरी कर रहे हो तो प्रमोशन की आस में बैठे हो और अगर मां-बाप हो तो अपनी जिंदगी अपने बच्चों के नाम कर चुके हो ।हर कोई अपनी जिंदगी के उस मोड़ पर खड़ा है जहां वह वो मोड़ आने का इंतजार कर रहा है जिस मोड़ पर उसकी जिंदगी इससे बेहतर हो ।खूबसूरत हो। पर इस इंतजार में हर कोई यह भूल गया है कि इस मोड़ पर भी उसकी जिंदगी पहले मोड़ से बेहतर ही है ,जहां पर भी वह इसी इंतजार में खड़ा था ।दोस्तों जिंदगी जीने का नाम है ना कि गुजारने का। एक ही जिंदगी है, न जाने कल कौन सा मोड़ लेकर आएगी ?इससे अच्छा है आज ही जी लो। यार अपनी खुद की तो जिंदगी है।खुद की जिंदगी से इतना क्या निराश होना की जीने के लिए भी प्रोत्साहन की जरूरत लगे।

हार और जीत जिंदगी के पहलू है ।आज हारे हैं तो कल जीत भी तो सकते हैं ना। हारना या जीतना यह महत्वपूर्ण नहीं है । महत्वपूर्ण है खेलना ।हार या जीत आपका व्यक्तिमत्व नहीं दर्शाता आपका व्यक्तिमत्व दिखता है आपके दृष्टिकोण से ।आपका दृष्टिकोण ही आपकी पहचान है ।हार, दुख, निराशा यह सब चीजें जिंदगी में आती रहेगी पर महत्वपूर्ण ये है कि आप बिना डरे डटकर सामना करें और अपनी जिंदगी में आगे बढ़े ।अपनी हर को लेकर यह सोच कर बैठना की मैं जिंदगी में कुछ नहीं कर सकता ,उससे अच्छा है कि अपनी हार का कारण ढूंढे और जो गलतियां हुई है उससे सीखे और फिर से प्रयास करें। जरा सोचो तो जो चीज हमें चाहिए वो इतनी आसानी से मिल जाती तो जिंदगी जीने का मजा ही क्या होता ?आपका लक्ष्य प्राप्त करने में कोई कहानी ही नहीं होगी तो लक्ष्य प्राप्त होने के बाद क्या मजा आएगा ?एक बात ध्यान में रखना अपनी गलतियां ही अपनी कहानी लिखती है बस उस गलतियों से सीखते जाओ और आगे बढ़ो ।और एक बात अपनी जिंदगी को खूबसूरत बनाने में अपने साथ-साथ अपने माता-पिता, रिश्तेदार और दोस्तों का भी हाथ होता है तो इस व्यस्त जीवन में मोबाइल और संगणक जैसे आधुनिक उपकरणों से थोड़ा बाहर निकले और उनको भी समय दे ।उपकरणों के साथ व्यस्त होने से अच्छा है थोड़ा लोगों के साथ भी व्यस्त हो। इसे आपका तनाव भी दूर होगा और आपकी यादें भी बनेगी जो आपके कठिन समय में आपके मुस्कुराने की वजह बनेगी।

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