एक कदम सकारात्मक सोच की तरफ.....।

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Rutika Mahajan
Sep 03, 2019   •  43 views

सोच एक ऐसी चीज है जिसमें आपकी खुशी का रहस्य छुपा हुआ है ।सोच सोच की बात है कि इंसान खुश है या दुखी।जैसी आपकी सोच वैसा आपका वर्तन।अगर आप अच्छा सोचते हो तो आपके साथ अच्छा ही होगा। आपकी सोच पर निर्भय करता है कि आप अपने आप में कितना विश्वास रखते हो ।और खुद पर का विश्वास ही आप की जीत की पहली निशानी होती है ।हम जैसा सोचते हैं अपनी जिंदगी में चीजें वैसी ही होती है।मानो हम खुद ही एक कल्पवृक्ष है ।हम जिस प्रकार सोचते हैं हमारी जिंदगी उसी प्रकार से मोड़ लेती है। इसलिए कहा जाता है कि हमेशा अच्छा सोचना चाहिए। अच्छा मतलब सकारात्मक ।हम जितने सकारात्मक रहेंगे हमारी जिंदगी इतनी ही सुलझती जाएगी ।माना जिंदगी में हमें कई बार ऐसे हादसे देती हैं कि हम निराश हो जाते हैं और नकारात्मक सोच रखते हैं पर क्या इस नकारात्मक सोच से हम जो करता है उसको बदल पाएंगे ? इससे तो हम खुद ही खुद का अस्तित्व मिटा रहे हैं ।लोग चाहे जो भी माने पर जब तक तुम खुद यह नहीं मान लेते कि तुम वह चीज नहीं कर सकते तब तक उस जिसको करने से तुम्हें कोई नहीं रोक सकता ।

आशा पर तो जिंदगी टिकी है। सोचो अगर आशा ही नहीं होती तो जीने की क्या वजह होती। तो कभी भी खुद को कम मत समझो ।अगर आपने कोई चीज या फिर कोई ध्येय पाने के बारे में सोचा है तो कहीं ना कहीं आप में वह चीज या ध्येय पाने की काबिलियत जरूर होगी। तभी तो आपके दिमाग का दिल उस लक्ष्य पर आके रुका है ।बस जरूरत है अपने अंदर की काबिलियत को पहचानना और मेहनत करना ।अपने आप पर विश्वास करना। और इसके लिए जरूरी है अपनी सोच को सकारात्मक रखना ।सकारात्मक सोच सकारात्मक जीवन का नेतृत्व करती है ।सकारात्मक सोच रखने वाले लोग हमेशा उत्साही रहते हैं। खुश रहते हैं ।अपनी जिंदगी में आने वाली परेशानियों से बिना डरे लड़ने की हिम्मत रखते हैं। हो सकता है आपके साथ कुछ ऐसा हुआ हो जिससे आप बहुत टूट चुके हो ,पर जरा सोचो क्या टूट कर बैठना ही रास्ता है ?टूट कर बैठ कर क्या हम अपनी जिंदगी के साथ न्याय कर रहे हैं? निराश होना ठीक है पर निराशा को अपने आप को मत खाने दो । इस बार नहीं हुआ पर अगली बार मैं जरूर पूरा करूंगा इस आशा से फिर से उठो और काम पर लग जाओ।

हम जैसा सोचते हैं वैसा ही करते हैं ।हमारी सोच हमारा कार्य निश्चित करती है। हमारे जीवन पर हमारी सोच गहरा प्रभाव निर्माण करती है ।जीवन जीना एक कला है और सकारात्मक सोच के साथ जीवन जीना एक कलाकार की पहचान होती है ।सकारात्मक सोच जीवन की तरफ अपना दृष्टिकोण बदल देती है ।खुद में आत्मविश्वास निर्माण करती है। हम अच्छा बुरा जो भी सोचते हैं वह खुद से निर्माण करते हैं। मतलब अगर हम नकारात्मक सोच रहे हैं तो वह विचार खुद से निर्माण करते हैं ।हम जैसा सोचते हैं वैसा महसूस करते हैं ।नकारात्मक सोच कर हम खुद से ही खुद का अस्तित्व मिटा रहे होते हैं। तो दोस्तों जरा सोचो कि जिस सोच कि वजह से हम खुद का ही नुकसान कर रहे हैं वो सोच किस काम की ? नकारात्मक विचार हमें अंदर से खोखला बनाते हैं । जिसकी वजह से हम अपने अंदर छिपी हुई शक्ति को पहचान नहीं पाते। यह विचार व्यक्ति को इस तरह से पीड़ित कर देते हैं कि व्यक्ति मन से विकलांग होता जाता है ।और शरीर से विकलांग व्यक्ति से कमजोर होता है मन से विकलांग व्यक्ति ।तो दोस्तों थोड़ा रुकिए और अपने विचारों पर थोड़ा ध्यान दीजिए ।आपके विचारों पर ही आपकी जीत निर्भय होती है। एक विजेता उसकी जीत की वजह से पहचाना जाता है और उसकी जीत की शुरुआत होती है उसके विचारो से ।अगर विचार सकारात्मक हो तो परिणाम भी सकारात्मक होंगे और अगर परिणाम सकारात्मक होंगे तो जिंदगी मजेदार होती जाएगी ।तो दोस्तों अपने दिमाग के सारे खिड़की दरवाजे खोल दो और अपने अंदर के सारे नकारात्मक विचारों को बाहर निकालो,और सकारात्मक सोच की और अपना कदम बढ़ाओ ।सकारात्मक सोचो और सकारात्मक रहो।

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